दिलों में प्यार की खुशबू बसाना काम है अपना,
अँधेरी राह में दीपक जलाना काम है अपना।
न रुकना है कभी हमको, न थकना है कभी हमको,
कि थक कर हारने वालों को उठाना काम है अपना।
सितारे टूट कर बिखरे तो उनको हम समेटेंगे,
हर एक चेहरे पे मुस्कानें सजाना काम है अपना।
मदद के हाथ बढ़ते है जहाँ भी ज़रूरत हो,
बिना भेदभाव के रिश्ते निभाना काम है अपना।
बनेगी इक नई दुनिया हमारे ही प्रयासों से,
दुआओं के नए गुलशन खिलाना काम है अपना।
लेखक - हर्षवर्धन शर्मा ( गीतकार )