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श्री   श्याम   साहित्य   मंच

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"अभी तो रात बाकी है"

हर्षवर्धन शर्मा ( लेखक ) हर्षवर्धन शर्मा ( लेखक )
27 Feb 2026
"अभी तो रात बाकी है" — हर्षवर्धन शर्मा ( लेखक ) अभी तो रात बाकी है, सितारे जागते हैं, सपनों के परों पर कुछ अरमान भागते हैं। थक गया हूँ मैं सही, पर हार मान ली कहाँ? इस दिल में अब भी कुछ तूफ़ान बाकी है यहाँ। अभी तो जख्म हरे हैं, मगर दिल जिन्दा है, अभी तो वक़्त का असली इम्तिहान बाकी है। जिसे समझा सभी ने टूटा हुआ आइना, उसमें अब भी चमकने का गुमान बाकी है। अभी तो तन्हाइयों से कुछ बातें करनी हैं, कागज़ पे अधूरी कविताएँ पूरी करनी हैं। अभी तो दुनिया को ये दिखाना है मुझको, कि राख से भी उड़ने का उड़ान बाकी है मुझको। अभी तो चुप हूँ, मगर कलम बोलेगी, जो दुनिया सुन ना सकी, कविता वो खोलेगी। जो आज अधूरा हूँ, कल एक कहानी बनूँगा, अभी तो रात बाकी है... सवेरा मैं बनूँगा।
हर्षवर्धन शर्मा ( लेखक )

हर्षवर्धन शर्मा ( लेखक )

प्रकाशित: 27 Feb 2026